यूनिवर्सिटी कालेज लंदन के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया है कि जो लोग बोर होने की शिकायत करते हैं, वो जल्दी मर जाते हैं। अध्ययन के मुताबिक जो लोग उदासी के शिकार होते हैं, उनके हृदयाघात से मरने की आशंका सामान्य लोगों के मुकाबले ढाईगुना अधिक होती है।
लंदन के अखबार डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, उदासी कम करने के लिए लोग सिगरेट और शराब का सहारा लेतेहैं, जो कि उनकी जीवन दर को घटा देती है। प्रमुख शोधकर्ता मार्टिन शिप्ले ने बताया, दिल की बीमारी से पीड़ित अधिकतर लोग अकसर इस समस्या से पीड़ित पाए जाते हैं।
शोधकर्ताओं ने इसके लिए 35 से 55 साल के सात हजार से अधिक लोगों पर 25 साल तक शोध किया। उसके बाद उन्होंने पाया कि बोर होने वाले चालीस प्रतिशत लोग शोध के खत्म होने तक मर चुके थे। जबकि साठ प्रतिशत लोग जो खुशहाल थे, वो जिंदा रहे।
सर्वे के मुताबिक दस में एक इंसान बोरियत से घिरा है। महिलाएं पुरुषों के मुकाबले अधिक बोर होती है।
मनोवैज्ञानिक ग्राहम प्राइस ने बताया, ऐसे लोग जो अपनी जिदंगी से हताश और निराश होते हैं, उनके लिए बेहतर है कि वो अपनेसे ध्यान हटाकर औरों पर लगाएं।