किसी वस्तु को एक-दूसरे के बीच बांटने की कला एक ऐसी आदत है जो शिक्षकों और परिजनों द्वारा बच्चों को सिखाई जाती है, लेकिन हमारे पूर्वज समझे जानेवाले वानरों की प्रजातिवाले बोनॉबो में यह कला स्वाभाविक तौर पर विकसित होती है।
छुटपन में बोनॉबो खाने-पीने की चीजों के लिए झगड़ते देखे जाते हैं, लेकिन वक्त के साथ आई परिपक्वता के कारण हालात काफी बदल जाते हैं। युवा होने पर यही बोनॉबो एक दूसरे के बीच चीजें बांटने लगते हैं।
ड्यूक और हॉवर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने अफ्रीका के वन्यजीव अभ्यारण्यों में रहनेवाले वानरों और बोनॉबो पर किए गए शोध के माध्यम से इस बात का पता लगाया है। शोधकर्ताओं का मानना है कि व्यवहार संबंधी अंतर विकास के प्रतिमानों पर निर्भर करते हैं।
शोध में जुटी हॉवर्ड विश्वविद्यालय की स्नातक छात्रा विक्टोरिया वोबर ने कहा कि, " बोनॉबो बचपन में खानपान की वस्तुएं एक-दूसरे के साथ साझा नहीं करते हैं, लेकिन वयस्क होने पर यह गुण उनमें अपने आप आ जाता है।"
शोध से पता चला है कि युवा वानरों और बोनॉबो में खान-पान की वस्तुएं साझा करने का गुण एक जैसा होता है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ वानर इस काम में रुचि नहीं लेते। वक्त के साथ यह उनकी आदत से बाहर की बात होती जाती है, जबकि बोनॉबो इसे पसंद करने लगते हैं।